चंडीगढ़, 15 फरवरी 2025 – Punjab में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक और उदाहरण सामने आया है! TarnTaran जिले के गांव कालिया के पूर्व सरपंच हरजीत सिंह और गांव सकतरा के लंबरदार मनजीत सिंह को विजीलेंस ब्यूरो ने बाढ़ राहत मुआवजे के 20 लाख रुपये गबन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे हुआ घोटाला?
यह घोटाला 2019 में गांव कालिया के पूर्व सरपंच हरनंद सिंह की शिकायत के बाद उजागर हुआ। विजीलेंस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बैंककर्मियों से मिलीभगत कर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन्हीं के जरिए सरकारी राहत राशि निकाल ली।
राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल 30 लाख रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन इसमें से 20,11,475 रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए!
अब होगी कड़ी कार्रवाई!

विजीलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों को कल अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले की विस्तृत जांच अब TarnTaran यूनिट द्वारा की जा रही है।
जनता के हक पर डाका!
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में जहां सरकार राहत फंड जारी कर जनता की मदद करना चाहती है, वहीं कुछ भ्रष्ट अधिकारी और बैंककर्मी इस पैसे पर डाका डालने से भी नहीं हिचकिचाते।
अब सवाल यह उठता है कि क्या यह घोटाला सिर्फ दो लोगों तक सीमित है, या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है? क्या और भी सरकारी अफसरों और बैंककर्मियों की भूमिका की जांच होगी?
तरनतारन के लोग जवाब मांग रहे हैं – आखिर जनता के हक का पैसा कब तक लूटा जाएगा?
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